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अवस्था निगरानी

स्थिति की निगरानी के माध्यम से सक्रिय रखरखाव मशीनरी:
 
सीएमटीआई १९८४ से उद्योगों की स्थिति के निगरानी के आधार पर आधुनिक रखरखाव रणनीतियों को अनुकूलित करने के लिए सहायता करता है. हाल ही में, उद्योगों को मशीनरी में स्नेहन तेल स्वास्थ्य की निगरानी की सेवाएं पूर्वानुमान और सक्रिय रखरखाव रेजिम्स के लिए परंपरागत निवारक से 'यथावत' पोर्टेबल एनालाईज़र के साथ स्थानांतरित होने को प्रस्तुत किया जा रहा है. इस्तेमाल तेल विश्लेषण दृष्टिकोण से स्नेहक मध्यम के स्वास्थ्य का निरीक्षण किया जयेगा क्यूंकि तेल मध्यम हि पहले खराब होता है. यह एक 'मूल कारण' दृष्टिकोण है जो उत्पादन प्रणालियों के लिए सफाई लक्ष्य तय करता है जिससे मीन टाईम बिफोर फेल्युअर (एम.टी.बी.एफ) कि विस्तार करने के लिए मदद मिले. यह दृष्टिकोण, कुल उत्पादक रखरखाव (टी.पी.एम) का तकनीकी हिस्सा है जिस्का प्रचार टीक्यूएम के लिए हो रहा है
 
इस तकनीक को प्रारंभिक चरण में विफलताओं की पूर्व-सूचना देने में और उनके वृद्धि की निगरानी करने में किया जाता हैं और अस्वीकार्य स्तर पर पहुंचने से पहले उचित रखरखाव कार्रवाई किया जा सके जिससे महंगे और महत्वपूर्ण मशीनरी की आपत्तिजनक विफलताओं से बचा सकें
 
निगरानी तत्वों में शामिल हैं
 

  • मशीन टूल्स और विशेष कार्य हेतु मशीनों के धुरीयों के साथ प्रेसिजन क्लास बियरिंग्स
  • बड़े विद्युत मोटर्स
  • गियरबॉक्स, जेनरेटर, कंप्रेशर्स
  • हाइड्रोलिक तत्व जैसे की हाइड्रोलिक मोटर्स और पंप

 

तकनीक: मशीन की हालत आवधिक कंपन शक्ति संबंधी रुझान और वर्णक्रमीय मूल्यांकन द्वारा निगरानी की जाती है.
 
मशीन तत्व जैसे बियरिंग्स, गियर और कपलिंग की विफलता की शुरुआत से मशीन के हालत में बदलाव जैसे की संरेखण, असंतुलित होना, आदि पर ठीक रीति से नजर रख कर उचित सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है. जिसके बदले में रखरखाव के प्रयास में कमी हो सकती है, जरूरत के अनुसार रखरखाव के लागू करने का प्रयास कर सकते हैं, मशीन उपलब्धता समय की वृद्धि और पुर्जों की कम लागत और पुर्जों के सूची की कमी हो सकती हैं
 
सेवाओं के अलावा उद्योगों के लिए वार्षिक अनुबंध के आधार पर कंसल्टेंसी भी पेशकश की है, जिससे इन नए रखरखाव तकनीकों और रणनीतियों संस्थान और अनुकूलन के लिए उन्हें मदद मिले

 



by Dr. Radut.